अध्याय 57 क्लीनर ने कंपनी के रहस्यों को चुरा लिया

मिरांडा की बर्फ़-सी ठंडी नज़र पड़ते ही सफ़ाईवाली वहीं ठिठक गई, मगर अगले ही पल उसके चेहरे पर मासूमियत और चोट खाए होने का भाव आ गया।

“मिरांडा, मुझे समझ नहीं आ रहा आप किस बारे में बोल रही हैं।” उसने दोनों हथेलियाँ रगड़ीं, सीधे-सादे और ईमानदार बनने की कोशिश में। “मैं तो रोज़ की तरह सफ़ाई करने के लिए बस...

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